1873 ईस्वी के आस-पास बहाउल्लाह द्वारा अरबी में लिखी गई उनके विधानों की पुस्तक। उस समय वे अक्का शहर में एक बंदी जीवन जी रहे थे। उसके पूरक के रूप में, बहाउल्लाह के कुछ बाद के लेख भी आते हैं जो उन्होंने अपने एक सचिव द्वारा पूछे गए प्रश्नों की एक श्रृंखला के प्रत्युत्तर के रूप में प्रकट किए थे।