बहाइयों पर अत्याचार करने वाले एक प्रमुख मुस्लिम धार्मिक नेता, शेख मुहम्मद तकी-ए-नजाफी, को संबोधित एक पाती। इसे करीब 1891 ईस्वी में ‘मैंशन आफ बहजी’में प्रकट किया गया था और शोगी एफेन्दी ने इसका अंग्रेजी में अनुवाद किया।